Thursday, 17 March 2011

आयो आयो रे! आयो आयो रे! रंगरसियो फागण आयो रे! फागण आयो प्राण भरायो, थनगन थनगन नाच नचायो, रंगभर फूल आयो ! अबील गुलाल गगनमां छायो, व्हाली वसंत साथे लायो, अंग अंग रंग छायो ! वनवगडाने नवीन करतो, डाळे डाळे फूलडां धरतो, ऋतुराजवी आयो!!!!!

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